पिथौरागढ़ : मकर संक्रांति व घुघुतिया पर्व: आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर रहा सीमांत
घाटों और मंदिरों में सुबह से ही जुटी रही भीड, सैकड़ों बालकों के हुए यज्ञोपवित संस्कार

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में बीते दिवस मकर संक्रांति और घुघुतिया पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। जिले के पवित्र घाटों रामेश्वर, थल, तालेश्वर, पंचेश्वर, चंडिका घाट, हंसेश्वर सहित अनेक धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना और नदी तटों पर स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ जुटी रही।

इधर नगर के घुनसेरा गांव में भी स्नान करने कई लोग पहुंचे थे। मकर संक्रांति पर्व पर पवित्र घाटों में सैकड़ों बालकों के यज्ञोपवित संस्कार विधि विधान से संपन्न हुए। घुघुतिया पर्व पर बच्चों ने घुघुतिया मालाएं पहनकर कौवों को बुलाया। बच्चों में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। इस वर्ष बीते वर्षो से कौवों की संख्या कम दिखाई दी।
जिला मुख्यालय से लगभग 35 किमी दूर रामेश्वर घाट स्थित मंदिर परिसर में माघ मेले का आयोजन हुआ। पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा जनपद से आए श्रद्धालुओं ने सरयू और रामगंगा के संगम तट पर स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया और विधि-विधान से पूजा.अर्चना की। यहां भी खासी संख्या में युवाओं के यज्ञोपवित संस्कार संपन्न हुए।
इधर झूलाघाट क्षेत्र में काली नदी किनारे स्थित प्रसिद्ध तालेश्वर मंदिर में माघ मेले का आयोजन किया गया। भारत के साथ-साथ नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों से भी भक्त पहुंचे थे। थल में रामगंगा, क्रांति और बहुला नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित पौराणिक बालेश्वर मंदिर में मकर संक्रांति पर वर्ष का पहला भव्य मेला लगा। सुबह से श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू किया और दोपहर तक भीड़ लगी रही। हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। जिले के अन्य स्थानों पर भी मकर संक्रांति व घुघुतिया पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
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