पिथौरागढ़ : कल्पना, रोमांच और सीख का अनूठा संगम
बाल साहित्यकार इं. ललित शौर्य की नई पुस्तक का विमोचन

पिथौरागढ़ अपनी सशक्त लेखनी और प्रभावी वक्तृत्व कला से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके बाल साहित्यकार इं. ललित शौर्य की नवीन पुस्तक ‘परियों का संदेश’ अब पाठकों के बीच आ चुकी है। डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल ने पुस्तक का विधिवत विमोचन किया।

इस दौरान विधायक बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि इं. ललित शौर्य लंबे समय से बाल साहित्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं, जो अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में बच्चों को संस्कारवान, मूल्यनिष्ठ और संवेदनशील बनाने के लिए बाल साहित्य की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि बुजुर्गों से सुनी गई कहानियों का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा, जिसे आज की पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
पुस्तक परियों का संदेश बच्चों को कल्पनालोक की उड़ान पर ले जाती है। इसमें संकलित रहस्यमयी और रोचक कहानियां बच्चों में रोमांच भरने के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण संदेश भी देती हैं। यह पुस्तक मनोरंजन के साथ नैतिक मूल्यों को सहज रूप में प्रस्तुत करती है। समाजसेवी जयप्रकाश देवलाल ने कहा कि इं. शौर्य केवल लिखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मोबाइल नहीं, पुस्तक दो जैसे अभियानों के माध्यम से बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें वितरित कर पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।
वहीं युवा वक्ता चंदन पानू ने कहा कि शौर्य का बाल साहित्य देशभर में पढ़ा जा रहा हैए जिससे लाखों बच्चे प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं। पुस्तक के लेखक इं. ललित शौर्य ने विधायक चुफाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण बाल साहित्य पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि अब तक उनकी पुस्तकों की 60 हजार से अधिक प्रतियां विभिन्न माध्यमों से बच्चों तक पहुंच चुकी हैं।
साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वह एक बाल उपन्यास पर कार्य कर रहे हैं, जो शीघ्र ही प्रकाशित होगा। कार्यक्रम में हरीश तिवारी, सचिन धारियाल, हिमांशु खेड़ा, रमेश पंत, सागर, संदीप भंडारी, मुकेश भट्ट, अंकित ज्याला सहित कई साहित्यप्रेमी व अन्य लोग उपस्थित थे।
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