पिथौरागढ़: मानव-भालू संघर्ष को लेकर विभाग अलर्ट मोड पर
विभागीय टीमों ने किया घटनास्थलों का निरीक्षण

पिथौरागढ़ जनपद की सीमांत तहसीन धारचूला वन क्षेत्र के जयकोट और पांगला गांवों में बीते दिनों हुए मानव-भालू संघर्ष को वन विभाग ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। घटनाओं की पुष्टि होते ही प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह द्वारा उप प्रभागीय वनाधिकारी डीडीहाट को तत्काल जांच के आदेश दिए गए।

विभागीय टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों, घायलों तथा प्रत्यक्षदर्शियों से विस्तृत जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि बीते दिनों से इन क्षेत्रों में भालू की आवाजाही बढ़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि निकटस्थ क्षेत्रों में चल रहे सड़क कटान कार्य की आवाज और गतिविधियों से संभवतया भालू विचलित हुआ हो। जांच में यह भी संकेत मिले कि भालू अपने शावकों की सुरक्षा तथा भोजन की तलाश में लगातार क्षेत्र बदल रहा है, जिसके चलते वह गांवों के आसपास अधिक दिखाई दे रहा है।
डीएफओ ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीमें को तुरंत मौके पर भेजा गया और घायलों को सहायता प्रदान की गई। बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई, कैमरा ट्रैप लगाए गए तथा ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान शुरू कर दिया गया। संवेदनशील इलाकों में दिन-रात गश्त को मजबूत किया गया है। स्थानीय लोगों को सुरक्षित मार्ग, सतर्कता बरतने और वन्यजीवों के व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।
भालू की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के लिए तकनीकी संसाधन भी जुटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्राम स्तरीय वन सुरक्षा समितियों के साथ समन्वय को और प्रभावी बनाया गया है तथा सभी घटनाओं और रोकथाम उपायों की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की गई है। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को ध्यान में रखते हुए पिथौरागढ़ मुख्यालय से एक विशेष टीम को भी धारचूला भेजा जा रहा है। यह टीम स्थानीय कर्मचारियों के साथ मिलकर गश्त, निगरानी और निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
टीम वास्तविक समय में भालू की गतिविधियों की जानकारी एकत्र करेगी और आवश्यकतानुसार तत्काल नियंत्रक कदम उठाएगी। वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे वन क्षेत्रों के आसपास सतर्कता बरतें और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष या निकटतम वन अधिकारी को दें। विभाग ने कहा कि वह मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम रखने और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हमसे जुड़ें और अपडेट्स पाएं!
सबसे नए समाचार और अपडेट्स पाने के लिए जुड़े रहें।







