पिथौरागढ़ : नैनी-सैनी एयरपोर्ट विस्तारीकरण के विरोध में उबले सुजई के ग्रामीण
एक इंच जमीन न देने पर अड़े ग्रामीण, बैठक कर जताया आक्रोश

पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी एयरपोर्ट के प्रस्तावित विस्तारीकरण के विरोध में अब क्षेत्र के ग्रामीण खुलकर सामने आ गए हैं। एयरपोर्ट से सटे ग्रामसभा सुजई और आसपास के गांवों के लोगों ने खाग मैदान में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार की विस्तारीकरण योजना का कड़ा विरोध जताया। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि अब वे एयरपोर्ट के लिए अपनी एक इंच भी जमीन नहीं देंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि नैनी-सैनी एयरपोर्ट के लिए वे पहले ही सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि सरकार को दे चुके हैं। उस समय प्रभावित परिवारों को यह आश्वासन दिया गया था कि प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी उनके पक्ष में आ चुका है, इसके बावजूद सरकार और प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब उनके पास बची हुई जमीन ही आजीविका का एकमात्र साधन है। यदि यह भूमि भी छीन ली गई तो कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। इसी कारण ग्रामीण किसी भी सूरत में और जमीन देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जबरन भूमि अधिग्रहण किया गया तो वे उच्च न्यायालय की शरण लेंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान ग्रामीणों ने भविष्य की रणनीति तय करने के लिए एक दस सदस्यीय समिति का गठन भी किया। यह समिति एयरपोर्ट विस्तारीकरण और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में प्रशासन और सरकार के समक्ष ग्रामीणों का पक्ष मजबूती से रखेगी। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित विस्तारीकरण से सबसे अधिक प्रभावित ग्रामसभा सुजई है, इसलिए यहां के लोग अपने हक और जमीन की रक्षा के लिए एकजुट होकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान सुजई इंद्रा जोशी, सरपंच गणेश भंडारी, सामाजिक कार्यकर्ता मोहित जोशी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विजेंद्र खड़ायत, क्षेत्र पंचायत सदस्य धीरज कुमार, चंदू भंडारी, लक्ष्मण भंडारी, कस्तूरी लाल, नीतू भंडारी, शांति धामी, सावित्री भंडारी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।
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