पिथौरागढ़ : साइबर सुरक्षा से मानसिक तनाव प्रबंधन तक, एलएसएम कॉलेज में युवाओं को किया जागरूक
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और आपातकालीन नंबर 112 के उपयोग के बारे में बताया

तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन उत्पीड़न और यौन अपराधों से बचाव के साथ युवाओं को मानसिक तनाव से निपटने के तरीके बताने के लिए एलएसएम पीजी कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
क्वांटम सोशल एंड एजुकेशनल सोसाइटी की ओर से प्रकाश पंत वाणिज्य संकाय के हॉल में आयोजित कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा, व्यक्तिगत अधिकारों, कानूनी सहायता और भावनात्मक स्वास्थ्य की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती और प्रोफेसर डॉ. नवीन राजवार ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के तीन सत्रों में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
पहले सत्र में ललिता पंत ने यौन अपराधों से बचाव, सहमति, व्यक्तिगत सीमाओं, निजता और व्यक्तिगत सुरक्षा के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने यौन उत्पीड़न, अनुचित व्यवहार, ऑनलाइन शोषण और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं की पहचान करने के साथ पीड़ितों के कानूनी अधिकारों एवं सहायता के विकल्पों पर प्रकाश डाला।
दूसरे सत्र में एडवोकेट ललित पंत ने साइबर अपराध, धमकी और उत्पीड़न के कारण उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव, भय और चिंता से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने श्वास अभ्यास, माइंडफुलनेस और भावनात्मक संतुलन के महत्व को समझाते हुए कहा कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति को दोष देने के बजाय उसके प्रति संवेदनशीलता और सहयोग का व्यवहार अपनाना चाहिए।
तीसरे सत्र में नीरज भाकुनी ने साइबर फ्रॉड, फिशिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन स्टॉकिंग और निजी फोटो-वीडियो के दुरुपयोग से जुड़े खतरों की जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने, डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने तथा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और आपातकालीन नंबर 112 के उपयोग के बारे में बताया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि ऑनलाइन या ऑफलाइन उत्पीड़न, धमकी अथवा ब्लैकमेलिंग की स्थिति में चुप न रहें और तत्काल विश्वसनीय व्यक्ति, कॉलेज प्रशासन, पुलिस या संबंधित सहायता एजेंसी से संपर्क करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक डॉ. हेम पांडेय ने की, जबकि संचालन डॉ. कौशल बिलजवान ने किया। इस आयोजन में साइबर क्राइम पुलिस एवं साइबर सेल, महिला एवं बाल संरक्षण विभाग, अधिवक्ता परिषद पिथौरागढ़, इतिहास विभाग, बीएड विभाग, कॉलेज प्रशासन, छात्र कल्याण समिति, एनसीसी और एनएसएस का सहयोग रहा।
संस्था के संस्थापक शैलेश खर्कवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले डॉ. हेम पांडेय सहित सभी सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के साथ डिजिटल सुरक्षा, व्यक्तिगत अधिकारों, कानूनी जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग करना भी जरूरी है। संस्था भविष्य में भी युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
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