ब्लैकमेलिंग : एक महिला ने बहला-फुसलाकर एक अज्ञात जगह बुलाया युवक को फिर बनाया वीडियो
पुलिस ने ब्लैकमेलिंग गिरोह का किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

फोन पर बहला-फुसलाकर एक अज्ञात जगह पर ले जाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने के बाद ब्लैकमेलिंग करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

उधमसिंह नगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीते 31 मई को सुधीर कुमार नामक व्यक्ति ने पुलिस को एक शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 23 मई को एक महिला ने उन्हें फोन पर बहला-फुसलाकर एक अज्ञात जगह पर ले जाकर उनका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर उनसे ब्लैकमेलिंग की गई।
सुधीर कुमार ने आरोप लगाया था कि उन्हें ब्लैकमेल करके ₹1,50,000 और अन्य सामान की उगाही की गई है। शिकायत के आधार पर खटीमा थाने में धारा 308(5) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। एसएसपी उधमसिंह नगर मणिकांत मिश्रा के निर्देशन घटना के शीघ्र खुलासे के लिए तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास के लगभग 50 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पीड़ित द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर की गहन जांच की। इस जांच के आधार पर तीन आरोपियों राजेंद्र सिंह उर्फ राजू लंगड़ा, निवासी भड़ा भूड़िया,खटीमा, गुरदयाल सिंह उर्फ बग्घी, निवासी विडोरा मझोला, नकमत्ता और सीमा कौर, पत्नी राजेंद्र सिंह उर्फ राजू लंगड़ा, निवासी भड़ा भूड़िया, थाना खटीमा की पहचान हुई।
इन तीनों को बीते दिवस गलाबाग मच्छीझाला, नानकमत्ता जाने वाली सड़क के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और ₹1,300 नकद बरामद किए गए। पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके गिरोह में कुल 06 लोग शामिल हैं, जिनमें दो महिलाएं और चार पुरुष हैं। इस गिरोह की सरगना मनजीत कौर है, जिसका आपराधिक इतिहास रहा है।
वह पहले भी एक नाबालिग बच्ची की शादी कराने के आरोप में सितारगंज थाने से जेल जा चुकी है और इस तरह की ब्लैकमेलिंग में सक्रिय रही है। यह गिरोह मुख्य रूप से खटीमा, नानकमत्ता और सितारगंज क्षेत्र के अमीर लोगों को निशाना बनाता था। वे किसी बहाने से उनका फोन नंबर हासिल कर अपनी गैंग की महिलाओं से वीडियो कॉल या अन्य माध्यमों से बात करके उन्हें अनैतिक कार्य के लिए उकसाते थे। इसके बाद उन्हें किसी सुनसान मकान, होटल या अपने ही घर पर मिलने के लिए बुलाया जाता था।
जैसे ही व्यक्ति कमरे में प्रवेश करता था, गैंग के अन्य सदस्य आ जाते थे और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर देते थे। गैंग के कुछ सदस्य उस व्यक्ति के साथ मारपीट भी करते थे और वीडियो को वायरल कर बदनाम करने या पुलिस में जाने की धमकी देते थे। अंत में वे उस व्यक्ति के पास मौजूद रुपये और मूल्यवान संपत्ति हड़प लेते थे। पुलिस ने बताया कि जांच में अब तक इस तरह के 04 मामले सामने आए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के मोबाइल फोन में अन्य लोगों के आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं, जिनके संबंध में विस्तृत जांच जारी है। चूंकि ऐसे मामले अक्सर व्यक्ति के चरित्र से जुड़े होते हैं, इसलिए बदनामी के डर से कई पीड़ित पुलिस के सामने आने से कतराते हैं। उधमसिंहनगर पुलिस सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि इस तरह के ब्लैकमेलिंग या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि के शिकार हुए हैं तो बिना किसी संकोच या डर के तत्काल पुलिस से संपर्क करें।
आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और पुलिस आपको न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। आपकी शिकायत से ऐसे गिरोहों को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी। प्रकाश में आए आरोपियों में मंजीत कौर, निवासी विडोरा मझोला, थाना नानकमत्ता, कुलविंदर सिंह उर्फ बिट्टू, निवासी विडोरा मझोला व गुरविंदर सिंह उर्फ गिन्दू, निवासी विडोरा मझौला, थाना नानकमत्ता शामिल हैं।
पुलिस टीम में मनोहर सिंह दसौनी, प्रभारी निरीक्षक, खटीमा, विनोद जोशी, निरीक्षक, थाना खटीमा, उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह रंसवाल, उप निरीक्षक किशोर पंत, कांस्टेबल नवीन खोलिया, कांस्टेबल कमल पाल व
महिला कांस्टेबल सुनीता रावत शामिल थे।
हमसे जुड़ें और अपडेट्स पाएं!
सबसे नए समाचार और अपडेट्स पाने के लिए जुड़े रहें।







