पिथौरागढ़ : सरकार और प्रशासन पर गंभीर अनदेखी के आरोप
पूर्व सैनिकों को धरना 59 दिन रहा जारी

पिथौरागढ़ के टकाना स्थित रामलीला मैदान में पूर्व सैनिक संगठन का धरना-प्रदर्शन बुधवार को 59वें दिन भी जारी रहा। बीते दिनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे पूर्व सैनिकों ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर अनदेखी के आरोप लगाए हैं। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि एक ओर मंचों से सैनिकों की वीरता और त्याग का गुणगान किया जाता है,

लेकिन जमीनी स्तर पर उनके अधिकारों और समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र के विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पूर्व सैनिकों ने विशेष रूप से पर्यावरण बटालियन जैसी इकाइयों के महत्व को
रेखांकित करते हुए कहा कि इससे पिथौरागढ़ सहित मुनस्यारी, धारचूला, बागेश्वर, चंपावत, अल्मोड़ा और खटीमा जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलते हैं। उन्होंने इस व्यवस्था को बनाए रखने और मजबूत करने की मांग दोहराई। इससे पूर्व संगठन पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सोशल मीडिया पर पूर्व सैनिकों के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर सख्त कार्रवाई की
मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को उग्र करने पर बाध्य होना पड़ेगा। पूर्व सैनिकों ने जनप्रतिनिधियों और आम जनता से भी इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर आनंद सिंह, नवीन गुरुरानी, राजेंद्र जोरा, श्याम विश्वकर्मा सहित कई पूर्व सैनिक मौजूद थे।
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