पिथौरागढ़ : निर्णायक बैठक में आदेश को बताया जनविरोधी
130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में आंदोलन की चेतावनी

130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन आदेश के विरोध में पिथौरागढ़ में जनपद स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने इस आदेश को जनविरोधी बताते हुए कड़ा विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि सीमांत हिमालयी क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है

और बटालियन द्वारा वृक्षारोपण, जलस्रोत संरक्षण व भूमि संरक्षण में अहम योगदान दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए हिमालय क्षेत्र की अनदेखी करना उचित नहीं है। बैठक में यह भी कहा गया कि बटालियन से स्थानीय युवाओं व पूर्व सैनिकों को रोजगार मिलता है, इसलिए इसका विस्थापन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर असर डालेगा।
इस मौके पर पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मयूख भट्ट सहित सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि विस्थापन आदेश निरस्त नहीं किया गया तो आगामी 16 फरवरी से जनपद स्तर पर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में सीनियर सिटीजन, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, पतंजलि योग समिति, अखिल भारतीय समानता मंच, उत्तराखंड क्रांति दल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों
एवं जन संगठनों द्वारा इस संघर्ष को जन आंदोलन का रूप देने हेतु पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की गई। बैठक में पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, दयानंद भट्ट, राजेंद्र सिंह, जगदीश पांडे, सागर जोशी, भास्कर आनंद जोशी, विपिन जोशी, केएस भाटिया, राम सिंह सहित सैकड़ों बुद्धिजीवी वर्ग एवं पूर्व सैनिक उपस्थित थे।
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