पिथौरागढ़ : पूर्व सैनिकों का बढ़ता आक्रोश, जनआंदोलन की चेतावनी
संगठन का धरना 57 वें दिन भी रहा जारी

पिथौरागढ़ के रामलीला मैदान टकाना में पूर्व सैनिक संगठन का धरना सोमवार को 57वें दिन रहा। धरना स्थल पर पूर्व सैनिकों ने कहा कि उनकी न्यायोचित मांगों की लगातार अनदेखी न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार सम्मान यात्राओं और बड़े आयोजनों के माध्यम से सैनिकों के सम्मान की बात करती है,

जबकि दूसरी ओर जमीनी स्तर पर अपने ही जनपद में धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि मंचों पर सम्मान और धरातल पर उपेक्षा यही वर्तमान व्यवस्था की सच्चाई बन चुकी है। कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सीमांत जनपद के अस्तित्व, पर्यावरण, रोजगार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो यह आंदोलन व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि अब यह संघर्ष केवल धरना स्थल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैलाया जाएगा। पूर्व सैनिक संगठन ने शासन-प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनपद की गरिमा और विश्वास कायम रह सके। धरना स्थल पर संगठन के सचिव दयाल सिंह, दिवाकर सिंह, धर्म सिंह, ललित जोशी, जोरा सिंह, महेश चंद सहित दर्जनों पूर्व सैनिक मौजूद थे।
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