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मिली बड़ी सफलता: मामले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

टीम ने तलाश के दौरान तकनीकी पड़ताल और लिया सोशल मीडिया का सहारा

एक बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने विभिन्न माध्यमों से जानकारी जुटाते हुए लगातार किए किए प्रयासों के चलते आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

 

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उधमसिंह नगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में रुद्रपुर कोतवाली में दर्ज एक बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले के मुख्य वांछित आरोपी शैलेंद्र उर्फ शेरू चौहान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ एक व्यक्ति हरबंश लाल ने मई माह में पेटीएम खाते से धनराशि की अवैध निकासी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

 

इस राशि को देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित बैंकों के खातों में स्थानांतरित किया गया था। इस मामले में रुद्रपुर पुलिस ने पहले ही छह शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिनमें प्रशांत कुमार, विजय कुमार, आकाश कुमार, मोहित कुमार, विशाल कुमार और अंकुर कुमार शामिल थे, जो सभी बरेली, उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से संबंधित थे।

 

इन गिरफ्तारियों के बाद भी शैलेंद्र उर्फ शेरू चौहान सहित तीन अन्य आरोपी फरार चल रहे थे, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी। आरोपी शैलेंद्र की तलाश में जुटी कोतवाली रुद्रपुर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अत्याधुनिक तकनीकी सहायता का सहारा लिया। आरोपी के विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहनता से पड़ताल की गई।

 

इंस्टाग्राम पर उसकी प्रोफाइल मिलने के बाद विवेचना टीम ने पिछले सात वर्षों की सभी पोस्ट्स का बारीकी से विश्लेषण किया। इस विश्लेषण ने ही आरोपी के ग्वालियर, मध्य प्रदेश से गहरे जुड़ाव को उजागर किया। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई तस्वीरें आरोपी की जीवनशैली और आवाजाही के महत्वपूर्ण सुराग प्रदान कर रही थीं। जिसमें वह अक्सर ग्वालियर या उसके आसपास के शोरूम्स, मॉल्स, रिसॉर्ट्स और होटलों से तस्वीरें साझा करता था।

 

सबसे महत्वपूर्ण सुराग विभिन्न महंगी गाड़ियों के साथ उसकी तस्वीरें थीं, जिनमें फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो, बलेनो, क्रेटा, रेंज रोवर और हुंडई जैसी गाड़ियां शामिल थीं। पुलिस ने इन सभी गाड़ियों के नंबर मेक और मॉडल प्राप्त कर गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ये सभी गाड़ियां अलग-अलग लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर पर पंजीकृत थीं, लेकिन इन सभी का लिंक ग्वालियर से जुड़ रहा था।

 

एक गाड़ी शैलेन्द्र के नाम पर भी पाई गई, जो थाटीपुर क्षेत्र से पंजीकृत थी। इस विस्तृत पड़ताल ने आरोपी के ग्वालियर कनेक्शन को और मजबूत किया। इन ठोस सबूतों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, रुद्रपुर पुलिस की एक विशेष टीम बीते 08 जून को ग्वालियर के लिए रवाना हुई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी की तस्वीर और वाहन विवरण के माध्यम से उक्त क्षेत्र की खुफिया तौर से रेकी की गई और आरोपी के घर को पहचान लिया गया।

 

बीते 09 जून को जब टीम घर पर पहुंची तो परिवार वालों से पूछताछ में पता चला कि शातिर आरोपी अपने अन्य साथियों की गिरफ्तारी के बाद से ही घर से फरार हो गया था, शायद इस डर से कि वे पुलिस को उसके बारे में जानकारी न दे दें। लगातार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी ग्वालियर से बरेली की ओर भाग गया है।

 

सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बीते 11 जून को रामपुर रोड पर एक होटल के पास से आरोपी शैलेंद्र उर्फ शेरू चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी शैलेंद्र उर्फ शेरू चौहान के बैंक खातों पर पूर्व में भी हिमाचल प्रदेश और हैदराबाद, तेलंगाना में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।

 

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और साइबर अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए अपने बैंक खातों, ओटीपी, पासवर्ड या किसी भी गोपनीय जानकारी को फोन कॉल, मैसेज या अनजान लिंक के माध्यम से किसी भी व्यक्ति से साझा न करने की बात कही है। सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें।

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