पिथौरागढ़ : वनाग्नि पर सख्त निगरानी, जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक निर्देश
68 क्रू स्टेशनों से होगी जंगलों की सुरक्षा, बेरीनाग रेंज में मॉडल क्रू स्टेशन स्थापित

आगामी 15 फरवरी से शुरू होने वाले फायर सीजन को देखते हुए जनपद में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और नियंत्रण के लिए वन विभाग ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं। जंगलों पर सतत निगरानी रखने के लिए जिले में कुल 68 क्रू स्टेशन स्थापित किए गए हैं। वनाग्नि की दृष्टि से अति संवेदनशील बेरीनाग रेंज में एक मॉडल क्रू स्टेशन भी बनाया गया है।

जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में जनपदीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वनाग्नि की रोकथाम, नियंत्रण एवं जनसुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वन विभाग ने बताया कि फायर सीजन से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि रिसॉर्ट्स, गैस गोदाम, पेट्रोल पंप, लीसा कारखानों, सड़क किनारे स्थित झोपड़ियों एवं दुकानों जैसे संवेदनशील स्थलों के आसपास पिरूल, सूखी पत्तियों, कूड़े और अन्य ज्वलनशील पदार्थों की नियमित एवं अनिवार्य सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि आग की घटनाओं को रोका जा सके।
वन विभाग द्वारा बताया गया कि सभी क्रू स्टेशनों में आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए आधुनिक अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही बेहतर समन्वय के लिए संचार व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ की गई हैं। बेरीनाग रेंज में स्थापित मॉडल क्रू स्टेशन को विशेष रूप से त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी नियंत्रण के लिए तैयार किया गया है।
जिलाधिकारी ने जंगलों में आग का प्रमुख कारण बनने वाले पिरूल की शुगर मिलों को आपूर्ति किए जाने तथा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने के भी सुझाव दिए। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार सहित सेना, आईटीबीपी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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