पिथौरागढ़ : पुल निर्माण की अड़चन जल्द होगी दूर
वन अधिनियम के पेंच सुलझाने को होगा संयुक्त निरीक्षण

पिथौरागढ़ के चंडिकाघाट में प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण की राह में आई बाधाओं को दूर करने की दिशा में प्रशासन ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने वन, राजस्व और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर जल्द रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रसिद्ध चंडिकाघाट मंदिर के समीप बहने वाली रामगंगा नदी पर पुल निर्माण की योजना लंबे समय से प्रस्तावित है। इस पुल के बनने से पिथौरागढ़ क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। रामगंगा नदी पर करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से 80 मीटर लंबा पुल प्रस्तावित है।
हालांकि पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने पर यह सामने आया कि पिथौरागढ़ क्षेत्र में तुलानी से चंडिकाघाट तक बनी करीब चार किलोमीटर सड़क अभी तक वन अधिनियम से मुक्त नहीं हो सकी है। इस हिस्से के वन अधिनियम से मुक्त हुए बिना पुल निर्माण कार्य शुरू किया जाना संभव नहीं हैए जिसके चलते परियोजना अटक गई थी।
इस मामले को लेकर बीते लंबे समय से संघर्ष कर रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह खाती ने हाल ही में प्रभागीय वनाधिकारी के समक्ष मामला उठाया था। इसके बाद उन्होंने बीते दिवस जिलाधिकारी आशीष भटगांई से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले से अवगत कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पुल के निर्माण से बाराबीसी क्षेत्र के करीब 240 गांव और भैरंग पट्टी के लगभग 60 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए एक ही दिन में हाट कालिका, पाताल भुवनेश्वर और चंडिका मंदिर के दर्शन करना आसान हो जाएगा।
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