पिथौरागढ़ : आस्था और परंपरा का संगम, देवलाल गांव में चेतोल मेला
ग्रामीणों की तैयारियां जोरों पर, श्रद्धालुओं की जुटती है भारी भीड़

पिथौरागढ़ के देवलाल गांव में एक अप्रैल बुधवार को प्रसिद्ध चेतोल मेला पूरे धार्मिक उल्लास और पारंपरिक विधि-विधान के साथ आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर गांव में तैयारियां जोरों पर हैं और भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मेला आयोजन की शुरुआत परंपरा के अनुसार विण क्षेत्र से चेतोल की छत्र और देवलसमेत बाबा का डोला मखोली गांव पहुंचता है, जहां देव डांगर अवतरित होते हैं।

जिसके बाद मखोली और विण गांव से आए देव डांगरों के साथ डोला देवलाल गांव की ओर प्रस्थान करेगा। देवलाल गांव चेतौल मेला स्थल पर चटकेश्वर, बेताल बाबा और देवलसमेत बाबा का अवतरण होता है। इसके बाद देव डोलों का पारंपरिक मिलन (डोला मिलन) होगा, जो इस मेले का मुख्य आकर्षण माना जाता है।
फिर दोनों छत्र देवलाल गाँव चेतोल मेला स्थल को जाते है वहां पर भी देव डांगर अवतरित होते हैं। उसके बाद दोनों छत्र बस्ते, देवकटिया, सिलोली, घुनसेरा गाँव, जाजरदेवल होते हुए ओढ़माथा से देवलाल गाँव की छत्र चटकेश्वर मंदिर होते हुए चौपता से मेला स्थल में रुकती है। एक छत्र चटकेश्वर मंदिर होते हुए मेला स्थल पर विराम लेती है, जबकि दूसरी छत्र सैनी होते हुए कासनी गांव में रात्रि विश्राम करती है।
इस दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रहती है। धार्मिक स्थानीय मान्यता के अनुसार चेत्र माह में देवलसमेत बाबा, माता भगवती और उनकी 22 बहनों को भिटोला देने जाते हैं। मेला आयोजन को सफल बनाने में पुजारी गोवर्धन देवलाल, पूर्व ग्राम प्रधान विनोद देवलाल, गोकुल देवलाल, दिनेश देवलाल, जीवन देवलाल, मनोज देवलाल, भुवन देवलाल, पंकज देवलाल, चंद्रशेखर नगरकोटी, निर्मल नगरकोटी, गिरीश कापड़ी, भगवान सिंह, धर्मानंद नगरकोटी सहित कई ग्रामीण तैयारियों में जुटे हुए हैं।
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