पिथौरागढ़ के लाल विकास को नम आंखों से दी अंतिम विदाई
शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़, परिजनों में मचा कोहराम

सीमा क्षेत्र में सर्वोच्च बलिदान देने वाले पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के निकट गणकोट गांव के जवान 27 वर्षीय विकास कुमार के पार्थिव शरीर के पैतृक गांव पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया और सभी की आखें नम हो गई। शहीद के अंतिम दर्शन को खासी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही। गणकोट निवासी विकास कुमार 19 कुमाऊं रेजिमेंट में लांस नायक के पद पर तैनात थे।

सिक्सिम में तैनात 27 वर्षीय विकास कुमार देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। विकास वर्ष 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। शहीद विकास कुमार अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, भाई तथा आठ माह के एक बच्चे को छोड़ गए हैं। शहीद की अंतिम यात्रा में नम आखों के साथ सैंड़कों की संख्या में लोग शामिल हुए। इससे पूर्व शहीद के पैतृक गांव गणकोट (सुकौली) पहुंचकर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने कहा कि शहीद विकास कुमार का बलिदान देश की सेवा और सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है। उनका यह सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान मेयर कल्पना देवलाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बोहरा, उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।
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