उत्तराखंड में आयुष सेवाओं के विस्तार पर आयुष शिक्षा मंत्री सख्त
लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश

आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री, मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में राज्य में आयुष सेवाओं के प्रभावी विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयुष सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि ब्लॉक एवं न्याय पंचायत स्तर तक योग, वेलनेस और पंचकर्म सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस एवं क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजना तैयार की जाए। कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए विभाग को परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनानी होगी। बैठक के दौरान आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति को सक्रिय करते हुए अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आयुर्वेद को धार्मिक पर्यटन से जोड़कर राज्य को आयुष आधारित प्रमुख वेलनेस हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।
इसके लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। इसके अलावा उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए अधियाचन भेजने तथा चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया। बैठक में सचिव आयुष रंजना राजगुरु, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी, अपर सचिव/निदेशक डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जेएन नौटियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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