पिथौरागढ़ : मुखबिर की सूचना पर हुई थी कार्रवाई, आरोपी को किया गिरफ्तार
आरोपी चरस तस्कर को दस साल के कठोर कारावास व एक लाख के जुुर्माने की सजा

चरस तस्करी के एक मामले में विशेष सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए दस साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते तीन वर्ष पूर्व 06 अक्टूबर को मुखबिर द्वारा धारचूला कोतवाली पुलिस टीम एक व्यक्ति का हुलिया बताते हुए धामीगांव की ओर चरस बेचने आने की सूचना दी गई थी। मुखबिर द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस टीम ने क्षेत्राधिकारी को भी इसकी सूचना दी और वाहनों की चेकिंग तेज कर दी। इस दौरान देर रात एक व्यक्ति गलाती धामीगांव की ओर आता हुआ दिखाई दिया।
तिराहे पर पुलिस को देख कर वापस जाने लगा।रात के अंधेरे में पुलिस ने उस पर टार्च की रोशनी डाली तो वह मुखबिर द्वारा बताए हुलिए से मिलता जुलता नजर आया तो पुलिस ने कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम भवान सिंह पुत्र अमर सिंह, निवासी गलाती, तोक माझगांव, धारचूला बताया। उसके बैग की तलाशी लेने पर पन्नियों में एक किलो 800 ग्राम चरस बरामद हुई ।
वैधानिक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसके विरुद्ध नारकोटिक्स एकट के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायालय में चली । सभी पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) धनंजय चतुर्वेदी ने भवान सिंह को दोषी मानते हुए दस साल के कठोर कारावास व एक लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत और अभियोजन अधिकारी राकेश चंद्र द्वारा की गई।
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