पिथौरागढ़ : बाल लेखन कार्यशाला का समापन, बाल कवि सम्मेलन और हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी
ओरिगामी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सरल तरीके से रेखागणित की जानकारी

बच्चों में रचनात्मक लेखन और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने के उद्देश्य से बालप्रहरी पत्रिका एवं भारत ज्ञान विज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज डीडीहाट में आयोजित बाल लेखन कार्यशाला का समापन विविध कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ।
समापन समारोह में आयोजित बाल कवि सम्मेलन और बच्चों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं कार्यशाला संरक्षक, डायट प्राचार्य भाष्करानंद पांडे ने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं बच्चों को अपनी अभिव्यक्ति के लिए सशक्त मंच प्रदान करती हैं।
उन्होंने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासु प्रवृत्ति और प्रश्न पूछने की क्षमता विकसित करने पर बल दिया। बाल कवि सम्मेलन का संचालन राजकीय प्राथमिक विद्यालय डीडीहाट की कक्षा पांच की छात्रा शिवाली नेगी ने किया, जबकि अध्यक्षता अभिलाषा एकेडमी के छात्र हार्दिक सिंह पापड़ा ने की।
सम्मेलन में उमेश भंडारी, पारस कुमार, हिमानी रावत, तनीषा बोरा, रश्मि बोरा, सौम्या बसेड़ा, भावना, पूजा, काव्या, निधि सहित अनेक बच्चों ने पर्यावरण, स्वच्छता, भोजन एवं पानी की बर्बादी, मेरा गांव, बादल, कूड़ादान और मलयनाथ जैसे विषयों पर अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। समापन समारोह में 84 बच्चों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
बच्चों ने ‘बाल युग’, ‘बालप्रहरी’, ‘बाल संसार’, ‘बाल वाटिका’, ‘बालिका स्वर’, ‘नव प्रभात’, ‘नई ज्योति’, ‘नई किरण’, ‘किशोरी स्वर’, ‘बाल वाणी’ और ‘बाल मुस्कान’ जैसे शीर्षकों से पुस्तकें तैयार कीं, जिनका अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया। कार्यशाला के दौरान बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला एवं दीक्षा जोशी ने ओरिगामी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सरल तरीके से रेखागणित की जानकारी दी।
बच्चों ने जागरूकता नारों के साथ रैली निकालकर शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया। इस दौरान उन्होंने अखबार से बने मुकुट पहनकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समारोह में बाल साहित्य संस्थान के अध्यक्ष रतन सिंह किरमोलिया, प्रो. विजया ढौंडियाल, प्रकाश पांडे, रमेश पांडेय ‘बृजवासी’, बृजमोहन जोशी, श्यामवीर सिंह, शिक्षा जंगपांगी, डॉ. चंद्रकला वर्मा, गोकर्ण लोहिया सहित अनेक साहित्यकार, शिक्षाविद और समाजसेवी उपस्थित रहे।
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