पिथौरागढ़ : नन्ही परी को न्याय देने की मांग, सीमांत के लोगों में आक्रोश व्याप्त
राज्य सरकार से मामले में ठोस कदम उठाने की मांग,

बीते 2014 में नैनीताल जनपद के काठगोदाम क्षेत्र में सात वर्षीय नन्ही परी के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से आरोपी के बरी होने पर परिजन और आम जनमानस आहत हैं। आज शनिवार को परिजनों ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और फैसले तक की उन्हें भनक तक नहीं लगी।

इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर कमजोर पैरवी का आरोप लगाते हुए कहा कि पास्को कोर्ट और हाईकोर्ट में दोष सिद्ध होने के बाद भी सर्वोच्च न्यायालय में न्याय नहीं मिला। परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की जाए और आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए। परिजनों ने दोहराया कि उनकी सिर्फ एक ही मांग है कि बेटी के गुनाहगारों को फांसी की सजा दी जाए। इस मामले पर विभिन्न संगठनों ने भी आक्रोश जताया है।
इधर आरोपी को बरी करने पर पूरे सीमांत की जनता के भीतर आक्रोश व्याप्त है विभिन्न संगठनों के लोगों ने प्रदेश सरकार की कड़ी निन्दा करते हुए मौन विरोध जताया। यहां सिमलगैर बाजार में सीमांत यूथ मोर्चा, उत्तराखंड छात्र मोर्चा, नगर यूथ कमेटी के युवाओं ने कहा कि नन्ही परी को जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में ठोस कदम उठाने की अपील की। मौन विरोध में नगर निगम पार्षद सुशील खत्री, सीयूमो के जिला अध्यक्ष जनार्दन पंत, उत्तराखंड छात्र मोर्चा के संयोजक योगेश खर्कवाल, नगर यूथ कमेटी के संयोजक राहुल खत्री, ध्रुव धामी, बहादुर सिंह, पप्पू बिष्ट, नीरज कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे।
पिथौरागढ़ की बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर नगर निगम सभागार में विभिन्न संगठनों के लोग एकत्रित हुए। इस दौरान सभी ने संकल्प लिया कि जब तक नन्ही परी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि रविवार 14 सितंबर प्रातः 10.30 बजे विभिन्न संगठन एक जुलूस निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। साथ ही सभी प्रतिनिधि मुख्यमंत्री को मामले की पुनः जांच हेतु भी ज्ञापन प्रेषित करेंगे।
नन्हीं परी केस के मुख्य आरोपी के सुप्रीम कोर्ट से बरी हो जाने के बाद पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में आक्रोश फैल गया। नगर के युवाओं, महिलाओं सहित विभिन्न संगठनों ने देर सायं नगर में जुलूस निकाला और केस को रि-ओपन कराये जाने की मांग की। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
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