जिलाधिकारी ने जारी किए आवश्यक दिशा- निर्देश, फंसे यात्रियों को किया रेस्क्यू
पूर्णागिरि यात्रा पर प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध,

बीते दिवस कंकराली गेट-ठुलीगाड़-भैरव मंदिर मार्ग के बाटनागाड़ क्षेत्र में भारी वर्षा से हुए भूस्खलन के कारण यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

चंपावत जिलाधिकारी नवनीत पांडे द्वारा पूर्णागिरि धाम की यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने व मोटर मार्ग के पूर्णतः सुगम एवं सुरक्षित नहीं होने तक यात्रियों को दर्शन हेतु न भेजे जाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने मण्डल रेल प्रबन्धक बरेली को कहा है कि पूर्णागिरि यात्रा हेतु संचालित विशेष ट्रेनों का संचालन अग्रिम आदेशों तक निरस्त किया जाए।
कहा कि पुलिस अधीक्षक, चंपावत यह सुनिश्चित करेंगे कि कंकराली गेट से होकर किसी भी यात्री को तब तक प्रवेश न दिया जाए, जब तक मार्ग की स्थिति पूर्णतः सुचारू एवं सुरक्षित नहीं हो जाती। प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की टीमें नियमित गश्त व निगरानी करें, ताकि किसी भी संभावित खतरे से पूर्व में ही सचेत हुआ जा सके।
लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग व अन्य संबंधित विभागों को भूस्खलन से अवरुद्ध मार्ग को शीघ्र अति शीघ्र मलबा हटाकर पुनः यातायात योग्य बनाया जाए और कार्य में तेजी लाई जाने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सतर्कता पूर्वक कार्य करने एवं स्थिति पर निरंतर निगरानी रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने को कहा। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
बरसाती नाले में अचानक पानी बढ़ने से मार्ग में फंसे लगभग 4000 दर्शनार्थियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। चंपावत पुलिस मीडिया सैल से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिवस मां पूर्णागिरि धाम मार्ग में बूम क्षेत्र स्थित बांटनगाढ़ बरसाती नाले में अचानक पानी का तेज बहाव होने से मार्ग अवरुद्ध हो गया तथा मार्ग में मां पूर्णागिरि धाम दर्शन करने आए श्रद्धालु फंस गए।
पुलिस अधीक्षक चंपावत के निर्देशानुसार तत्काल सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। स्थानीय प्रशासन व पुलिस टीम, फायर रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ द्वारा त्वरित संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर बांटनागाड़ बरसाती नाले में पर्वतीय क्षेत्र में हुई अत्यधिक बारिश के कारण पानी व मालवा आने से मार्ग अवरुद्ध होने के कारण दर्शन करने हेतु आए श्रद्धालुओं जिनमें बच्चे, वृद्ध, महिला, पुरुष लगभग 4000 को रेस्क्यू कर सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
उपजिलाधिकारी टनकपुर आकाश जोशी के नेतृत्व में रेस्क्यू अभियान के दौरान श्रद्धालुओं को जलपान, पेयजल, नमकीन, बिस्कुट आदि वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिहाइड्रेशन व अन्य समस्याओं से ग्रसित श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
इस मौके पर संभागीय परिवहन अधिकारी सुरेंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक चेतन रावत, चिकित्साधिकारी डॉ. मानवेंद्र शुक्ला, एफएसओ अमर सिंह अधिकारी, ठुलीगाड़ थाना प्रभारी राकेश कठायत एसडीआरएफ व पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे और अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया। उपजिलाधिकारी जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि मार्ग बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि मार्ग खुलने तक धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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