मंडलायुक्त ने दिए जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश
ब्रिटिश कालीन नक्शों के संरक्षण की दिशा में की पहल

ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में मंडलायुक्त दीपक रावत ने एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिसके तहत कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में मौजूद ऐतिहासिक अभिलेखों और दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे ये धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रह सकें।

आयुक्त रावत ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक महत्व वाले ऐसे नक्शों, अभिलेखों और दस्तावेजों की पहचान करें, जिन्हें डिजिटलीकृत या भौतिक रूप से संरक्षित किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने संस्कृति सचिव से भी वार्ता की है ताकि राज्य स्तर पर भी इस कार्य को गति मिल सके।
इस क्रम में वर्ष 1895 का ब्रिटिश कालीन नैनीताल नगर का मूल नक्शा, जो दीमक के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था को भोपाल की एक कंपनी से पुनः तैयार कराया गया है। कंपनी ने इसे ऐतिहासिक नक्शे की उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल प्रतिकृति तैयार कर उसे कैनवास पर मुद्रित किया। उसकी एक प्रति आयुक्त कार्यालय, नैनीताल में भी संरक्षित की गई है।
मंडलायुक्त ने कहा कि इस पहल के माध्यम से कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में मौजूद ऐतिहासिक अभिलेखों और दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे ये धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रह सकें। उन्होंने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक महत्व वाले ऐसे नक्शों, अभिलेखों और दस्तावेजों की पहचान करें, जिन्हें डिजिटलीकृत या भौतिक रूप से संरक्षित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे शोध, शिक्षा और स्थानीय इतिहास की समझ को भी बढ़ावा मिलेगा। ऐसे दस्तावेज भविष्य में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में भी उपयोगी साबित होंगे। इस मौके पर मंडलायुक्त रावत ने कहा कि ..
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