शिकायत पर सीएम ने दिए अधीक्षण अभिंयता को सस्पेंड करने के निर्देश
मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, कहा : सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को नहीं करेगी बर्दाश्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कुमाऊं मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ नैनीताल में एक समीक्षा बैठक संपन्न हो गई। बीते दिवस हुई बैठक में कुमाऊं मंडल के छह जनपद नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत एवं ऊधमसिंहनगर के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंडल में केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा गतिमान योजनाओं पर चर्चा की। बैठक के दौरान शिकायत पर सीएम ने अधीक्षण अभियंता को सस्पेंड करने के निर्देश भी जारी किए।

उन्होंने कहा जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाते हुए जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार व चौपाल लगाकर धरातल पर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति भी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनपद में चल रहे कार्यों में अपना योगदान करें। भ्रष्टाचार को समाप्त करना ही हमारा संकल्प है और इसके लिए 1064 नंबर जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों को कहा कि वह 10 से 01.00 बजे तक अपने कार्यालय में बैठने का शेड्यूल बनाएं ताकि दूर से आने वाले लोग उनसे मिल पाए वह अपनी बात रख पाएं। मुख्यमंत्री ने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानकों के अनुरूप कार्य न होने या अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पुनर्वास पैकेज को स्वीकृति दी जा चुकी है तथा मास्टर प्लानिंग पूर्ण हो चुकी है। मानसून से पूर्व मुख्य बांध निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह परियोजना उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के लिए सिंचाई क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने सूखा ताल के पुनर्जीवन प्रयासों को और गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह कार्य नमामि गंगे योजना के अंतर्गत पेयजल विभाग द्वारा किया जा रहा है और 2916.00 लाख रुपए की लागत से जनपद नैनीताल में सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यकरण का कार्य गतिमान है।
कैंची धाम क्षेत्र के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां सभी आवश्यक सुविधाओं के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा 2815.68 लाख की लागत से मानसखंड मंदिर माला के अंतर्गत कैंची धाम में सौंदर्यीकरण एवं प्रकाशीकरण का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए मास्टर प्लान पर प्रगति की जानकारी दी और बताया कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का बजट दोगुना किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में सभी अत्याधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी द्वारा शिकायत करने पर काशीपुर में अधीक्षण अभियंता को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित जनसुनवाई करें, समाधान आधारित कार्यशैली अपनाएं और कैंपों के माध्यम से जनता की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर तत्काल समाधान करें।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विजिलेंस व्यवस्था को और सशक्त एवं सक्रिय बनाया जा रहा है। अब सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में सीधे और निर्णायक हस्तक्षेप करेगी। किसी भी स्तर का अधिकारी यदि दोषी पाया गया, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी। हालांकि उसे निष्पक्ष सुनवाई और स्पष्टीकरण का अवसर भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सपनों को साकार करना ही हमारी प्राथमिकता है। उत्तराखंड पहले ही कई क्षेत्रों में देशभर में अग्रणी बन चुका है और अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रदेश शीर्ष स्थान पर पहुंचे।
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