पिथौरागढ़ : किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण आवश्यक : जिलाधिकारी
डीएम ने विद्यालय में मिड-डे मील की परखी गुणवत्ता, दिए आवश्यक निर्देश

निरंतर प्रयास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह बात कहते हुए जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने छात्र-छात्राओं को जीवन में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। बीते दिवस जिलाधिकारी द्वारा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिछुल, कनालीछीना का औचक निरीक्षण किया गया।

इससे पूर्व जिलाधिकारी के विद्यालय पहुँचने पर विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया। छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक जिलाधिकारी का अभिनंदन किया। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षा-कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, स्वच्छता व्यवस्था तथा अभिलेखों का परीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं की भौतिक स्थिति का अवलोकन किया।
स्मार्ट कक्षा में संचालित वर्चुअल लर्निंग के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रों से प्रत्यक्ष प्रश्नोत्तर कर उनकी सीखने की क्षमता, तर्कशक्ति और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण किया। छात्र-छात्राओं द्वारा दिए गए आत्मविश्वासपूर्ण एवं प्रभावी उत्तरों पर जिलाधिकारी खुशी व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में छात्रों द्वारा स्वप्रेरणा से तैयार की गई दीवार पत्रिका, ग्रीटिंग्स, शैक्षिक मॉडल, अल्पना एवं कला-संस्कृति से सम्बंधित रचनाओं का अवलोकन किया।
उन्होंने छात्रों की सृजनात्मकता, प्रस्तुति कौशल, चित्रकला एवं अभिव्यक्ति के स्तर की सराहना करते हुए इन्हें विद्यालय की सकारात्मक गतिविधियों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रयास छात्रों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। मध्यान्ह भोजन अवकाश के समय जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के साथ भोजन किया।
भोजन में मढुवे की रोटी, भट्ट की चुड़कानी एवं गड़ेरी की सब्जी जैसे पारंपरिक स्थानीय व्यंजनों के परोसे जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण संतुलन की भी सराहना की। इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्रों से उनके आकांक्षाओं, भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, उनकी पसंदीदा विषय-वस्तु, खेल, रुचियाँ और कैरियर विकल्पों पर संवाद स्थापित किया।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को शैक्षिक गुणवत्ता में और सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता, उपस्थिति, सीखने के परिणाम, डिजिटल शिक्षा के उपयोग तथा सांस्कृतिक एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों को और सुदृढ़ करने संबंधी आवश्यक सुझाव भी दिए। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी हरक राम कोहली, खण्ड शिक्षा अधिकारी कनालीछीना, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
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