PithoragarhUttarakhand News

पिथौरागढ़ : कुमाऊंनी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

साहित्यकारों, भाषाप्रेमियों व शिक्षाविदों ने सौंपा ज्ञापन

कुमाऊंनी मासिक पत्रिका आदलि कुशलि के तत्वावधान में कुमाऊंनी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर जिले के साहित्यकारों, भाषाप्रेमियों और शिक्षाविदों ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सोर संकल्प पत्र के साथ ज्ञापन प्रेषित किया।

 

ad

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ में बीते चार वर्षों से आदलि कुशलि पत्रिका द्वारा दो दिवसीय कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से आने वाले साहित्यकार, भाषाविद और शिक्षाविद कुमाऊंनी भाषा के विकास पर शोध पत्र प्रस्तुत करते हैं। ‘सोर संकल्प पत्र’ इन्हीं शोध पत्रों से निकले उन महत्वपूर्ण बिंदुओं का संकलन है, जिनके आधार पर कुमाऊंनी भाषा को आठवीं अनुसूची में स्थान देने की मांग की जा रही है। वर्तमान में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए प्रयास जारी हैं।

 

ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. परमानंद चौबे, डॉ. दीप चौधरी, डॉ. किशोर पंत, मुन्नी पांडे, होशियार सिंह ज्याला, महेश बराल, हेमराज मेहता, जनार्दन उप्रेती, प्रकाश जोशी, गोविंद सिंह और डॉ. सरस्वती कोहली सहित कई साहित्यकार, भाषाप्रेमियों व शिक्षाविद शामिल थे।

हमसे जुड़ें और अपडेट्स पाएं!

सबसे नए समाचार और अपडेट्स पाने के लिए जुड़े रहें।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page
आप इस पृष्ठ की सामग्री की प्रतिलिपि नहीं बना सकते