पिथौरागढ़ : संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी
जनगणना-2027 का 03 दिवसीय डिजिटल प्रशिक्षण शुरू

पिथौरागढ़ के विकास भवन सभागार में जिला व चार्ज स्तर के अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने की। इस दौरान डीएम ने कहा कि जनगणना का हमारे देश में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह न केवल विकास योजनाओं के निर्माण का आधार है, बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमुख साधन भी है।

इस बार पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से होगी। प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल एप के जरिए डेटा संग्रह करेंगे तथा निगरानी के लिए सीएमएमएस पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक, जबकि द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) 09 से 28 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित है।
उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों हेतु विशेष प्रावधान के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य 11 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक किया जाना प्रस्तावित है। जनपद के प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित किया जाएगा तथा प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया जाएगा। स्व-गणना की सुविधा भी वेब पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण में अधिकारियों को डिजिटल प्रक्रिया, मोबाइल एप आधारित डेटा संकलन और फील्ड प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशासन ने सभी अधिकारियों को जनगणना-2027 को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जनगणना निदेशालय के परविंद्र कुमार सिंह, सहायक निदेशक अनुपम आर्या, सांख्यिकी अधिकारी तथा हेमंत कुमार सांख्यिकी अधिकारी द्वारा किया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी तथा नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित थे।
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