पिथौरागढ़ : बौद्धिक सम्पदा का अधिकार पर ऑनलाइन संगोष्ठी
यूकोस्ट के सहयोग से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग में आयोजन

पिथौरागढ़ के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग में प्राचार्य प्रोफेसर बीएम पाण्डेय की अध्यक्षता में यूकोस्ट के सहयोग से ‘बौद्धिक सम्पदा का अधिकार’ पर ऑनलाईन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का आयोजन रसायन विज्ञान विभाग के तत्वावधान में किया गया।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. नरेन्द्र कुमार सिजवाली, असिस्टेंट प्रोफेसर (गणित) तथा डॉ. प्रकाश चन्द्र मठपाल, असिस्टेंट प्रोफेसर(गणित), राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर रहे। कार्यक्रम के शुरुआत में रसायन विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर, आई. पी.आर. प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. बी. एस. बिष्ट ने कार्यक्रम के अध्यक्ष समेत समस्त आमंत्रित वक्ताओं तथा प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. सिजवाली ने “एवोल्यूशन ऑफ आई. पी. आर. इन इंडिया” के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से बताया। उन्होंने ” पैटर्न्स एंड डिज़ाइन प्रोटेक्शन एक्ट ऑफ 1872″, ” द प्रोटेक्शन ऑफ इन्वेंशन एक्ट,xv ऑफ 1883 के साथ-साथ “द इंडियन पेटेंट एंड डिज़ाइन एक्ट-1991” पर व्यापक व्याख्यान प्रस्तुत कर समस्त प्रतिभागियों का ज्ञानवर्धन किया।
संगोष्ठी में वक्ता डॉ.पी. सी. मठपाल ने “ए. आई.जनरेटेड वर्क्स”, डेटा ओनरशिप, अमेर्जेंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि पर प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने “द एरा ऑफ इंटरनेट” एंड सुपरवायजेड लर्निंग पर भी विस्तृत चर्चा की। डॉ. महेश विश्वकर्मा, डॉ. प्रमेश टम्टा, डॉ. विशाल टम्टा ने सराहनीय भूमिका निभाई।
प्राचार्य प्रोफेसर बी.एम.पाण्डेय ने बौद्धिक संपदा के अधिकार पर आयोजित इस कार्यक्रम के लिये यूकोस्ट तथा महाविद्यालय के आयोजक मंडल को बधाई देते हुए इस संगोष्ठी को विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों के लिये अति उपयोगी बताया। संगोष्ठी के अंत में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बी.एस. बिष्ट ने संगोष्ठी के अध्यक्ष समेत मुख्य वक्ता, विशिष्ट वक्ता तथा समस्त प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। संगोष्ठी का संचालन डॉ. लीलाधर मिश्र ने किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अन्य महाविद्यालय के प्राध्यापक(आभासी रूप से) तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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