भूखे- प्यासी हालत में छह दिनों से खाई में फंसा रहा युवक, असंतुलित होकर गिरा था खाई में
पुलिस की संयुक्त टीम ने गहरी खाई में गिरे व्यक्ति को किया रेस्क्यू

गहरी खाई में गिरकर फंसे युवक को पुलिस की संयुक्त टीम ने मशक्कतों के बाद युवक को रेस्क्यू कर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

बीते दिवस पूर्व सायं नामिक गांव के स्थानीय लोगों द्वारा थाना कपकोट पुलिस को सूचना दी गई कि एक व्यक्ति गोगिना से करीब तीन-चार किलोमीटर दूर जंगल में रामगंगा पुल के पास नदी किनारे गिरकर फंस गया है। सूचना पर पुलिस, एसडीआरएफ एवं फायर टीम तत्काल घटनास्थल गोगिना को रवाना हुई। गोगिना तक वाहन में जाने के पश्चात वाहन रोककर स्थानीय लोगों के संपर्क करने का प्रयास किया गया
परंतु रात का अंधेरा और भारी बारिश एवं मोबाइल नेटवर्क की असुविधा के कारण गोगिना से कोई स्थानीय सहायता नहीं मिल सकी, जिस पर बचाव टीम मय उपकरण रस्सी, स्ट्रैचर आदि के साथ पैदल-पैदल बारिश में जंगलों से मौके को रवाना हुई। पैदल चलने पर नामिक के एक हीरा बाबा व दो अन्य स्थानीय लोग पुलिस टीम को रास्ते में मिले।
उन्हीं के द्वारा टीम को जंगलों से नीचे रामगंगा पुल तक ले जाया गया। पुल से टार्च की रोशनी में दूर नदी के किनारे देखने पर एक व्यक्ति के फंसे होने का पता चला, जिस पर बचाव टीम नदी के एक किनारे पर पहुंची तो देखा कि नदी के दूसरे किनारे पर एक व्यक्ति बैठा हुआ मदद के लिए आवाज लगा रहा था, नदी में अत्याधिक बहाव था, मौके पर बचाव टीम द्वारा रस्सी की मदद से फंसे हुए व्यक्ति को दूसरे किनारे पर सुरक्षित लाया गया। व्यक्ति का बाएं पैर में गहरे जख्म थे, जिससे वह चलने में असमर्थ था।
पूछताछ में घायल व्यक्ति ने अपना नाम जितेन्दर दास पुत्र नथुनी दास निवासी ग्राम/पोस्ट हरिपुर, जिला सरलही जनकपुरी, नेपाल उम्र 24 वर्ष बताया। साथ ही बताया कि वह 06 दिन पहले ऊपर से फिसल कर नीचे यहां गिर गया और फंस गया। 06 दिन से फंसे होने की बात सुनकर जितेंद्र को खाना खिलाया गया।
इस दौरान स्थल पर दोनों ओर से नदी का अत्यधिक तेज बहाव होने और अनजान दुर्गम जंगल और ऊपर से मूसलाधार बारिश होने के कारण रेस्क्यू बचाव अभियान के दौरान टीम को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन पुलिस की संयुक्त टीम ने सूझ-बूझ से व साहस का परिचय देते हुए रोप (रस्सी) की सहायता से उफनती नदी में पार बेस बाध कर घायल व्यक्ति को चीयर हार्नेस बनवाकर रिवर क्रॉसिंग कर सुरक्षित स्थान पर उतार कर स्टेचर की मदद से नदी से करीब 03 किलोमीटर ऊपर रोड़ में लाकर एम्बुलेंस से घायल को कपकोट अस्पताल भेजा गया।
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