पिथौरागढ़ : राष्ट्रीय लोक अदालत में 319 मामलों का समाधान, 2.37 करोड़ रुपये से अधिक का सेटलमेंट
सुलह-समझौते के आधार पर किया गया निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के विभिन्न न्यायालयों में लंबित और प्री-लिटिगेशन के कुल 319 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 2,37,76,642 रुपये (दो करोड़ सैंतीस लाख छिहत्तर हजार छह सौ बयालीस रुपये) की राशि का सेटलमेंट हुआ।

जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धनंजय चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जनपद के विभिन्न न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। बैंच संख्या एक में पीठासीन अधिकारी जिला जज धनंजय चतुर्वेदी एवं सदस्य पिंकी पुनेड़ा, अधिवक्ता की ओर से एक आपराधिक शमनीय मामला, धारा 138 एनआई एक्ट के दो मामले, जिनमें 6,98,000 रुपये, एमवी एक्ट के दो मामले, जिनमें 19 लाख रुपये, सात वैवाहिक मामले तथा एक अन्य प्रकृति के वाद का निस्तारण किया गया। इस बैंच में कुल 13 मामलों का निस्तारण हुआ।
बैंच संख्या दो में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमन एवं सदस्य निशांत पुनेड़ा, अधिवक्ता की ओर से धारा 138 एनआई एक्ट के सात मामलों में 12,13,026 रुपये तथा एमवी एक्ट के 57 मामलों में 82,100 रुपये का सेटलमेंट किया गया। इस बैंच में कुल 64 मामलों का निस्तारण हुआ।
बैंच संख्या तीन में सिविल जज (सीडि.) रमेश चंद्र एवं सदस्य मोहन सिंह नाथ, अधिवक्ता की ओर से दो आपराधिक शमनीय मामलों में 60,000 रुपये, धारा 138 एनआई एक्ट के एक मामले में 4,11,713 रुपये, एमवी एक्ट के 16 मामलों में 16,500 रुपये तथा चार वैवाहिक वादों में 10,75,000 रुपये का सेटलमेंट किया गया। इसके अलावा बैंक ऋण से संबंधित 72 प्री-लिटिगेशन मामलों का
सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण करते हुए 38,18,153 रुपये का सेटलमेंट किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, पिथौरागढ़ से संबंधित धारा 138 एनआई एक्ट के तीन मामलों में 3,46,000 रुपये तथा एमवी एक्ट के एक मामले में 3,500 रुपये का सेटलमेंट हुआ। इस बैंच में कुल 99 मामलों का निस्तारण किया गया।
बैंच संख्या चार में सिविल जज (जू.डि.) शिव सिंह एवं सदस्य गुंजन बिष्ट, अधिवक्ता की ओर से धारा 138 एनआई एक्ट के चार मामलों में 7,27,790 रुपये, एमवी एक्ट के 14 मामलों में 3,500 रुपये तथा तीन दीवानी वादों में 59,90,360 रुपये का सेटलमेंट किया गया। इस बैंच में कुल 21 मामलों का निस्तारण हुआ।
बैंच संख्या पांच में सिविल जज (जू.डि.) डीडीहाट गुलिस्तां अंजुम एवं सदस्य कुंदन सिंह बिष्ट, अधिवक्ता की ओर से दो आपराधिक शमनीय मामले, धारा 138 एनआई एक्ट के एक मामले में 10,23,000 रुपये, एमवी एक्ट के 20 मामलों में 19,37,000 रुपये तथा घरेलू हिंसा से संबंधित छह मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अलावा बैंक ऋण से संबंधित 37 प्री-लिटिगेशन मामलों में 27,65,500 रुपये का सेटलमेंट हुआ। सिविल जज (जू.डि.) धारचूला से संबंधित धारा 138 एनआई एक्ट के एक मामले में 1,50,000 रुपये, एमवी एक्ट के पांच मामलों में 4,500 रुपये तथा घरेलू हिंसा के एक मामले का निस्तारण किया गया। इस बैंच में कुल 73 मामलों का निस्तारण हुआ।
बैंच संख्या छह में सिविल जज (जू.डि.) गंगोलीहाट रजनीश मोहन एवं सदस्य मनोज सिंह रावल, अधिवक्ता की ओर से दो आपराधिक शमनीय मामले, धारा 138 एनआई एक्ट के दो मामलों में 3,29,000 रुपये, एमवी एक्ट के 18 मामलों में 3,500 रुपये तथा पांच वैवाहिक वादों में 1,62,000 रुपये का निस्तारण किया गया।
इसके अलावा बैंक ऋण से संबंधित 22 प्री-लिटिगेशन मामलों में 10,56,500 रुपये का सेटलमेंट हुआ। इस बैंच में कुल 49 मामलों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों और न्यायालय के कर्मचारियों द्वारा सहयोग दिया गया।
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