पिथौरागढ़ : सात सूत्रीय मांगों को लेकर आशाओं का धरना-प्रदर्शन
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

न्यूनतम वेतन, पेंशन, नियमितीकरण और मासिक मानदेय सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान टकाना में धरना-प्रदर्शन कर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई।
यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर 24 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 22 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में यूनियन की जिलाध्यक्ष इंद्रा देउपा ने कहा कि आशा कार्यकर्ता लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं,
लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता दिन-रात पूरी निष्ठा से मातृ-शिशु सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें दैनिक मजदूर से भी कम मानदेय मिल रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
आशा कार्यकर्ताओं ने मासिक मानदेय निर्धारित करने के साथ ही डीजी हेल्थ उत्तराखंड की ओर से वर्ष 2021 में आशाओं का मानदेय 11,500 रुपये करने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव को लागू करने की मांग उठाई। इसके अलावा न्यूनतम वेतन, पेंशन और नियमितीकरण सहित सात सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में कमला देवी, हरिप्रिया खड़ायत, उर्मिला सौन, हेमलता सौन, कमला भट्ट, जानकी पंत, उषा भट्ट, निर्मला घोटा, देवकी देवी, आशा चंद, कविता देवी, मोहनी देवी, रेनू चंद, हेमा मेहता, उमा कन्याल, हंसी जोशी, धाना देवी, उषा बिष्ट, रेनू दिगारी, पुष्पा कापड़ी, सुमन चंद, विमला ज्याला और यशोदा देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।
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