पिथौरागढ़ : गौवंश संरक्षण को लेकर समीक्षा बैठक
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

जिला कार्यालय सभागार में निराश्रित गौवंश संरक्षण, गौसदनों की व्यवस्थाओं एवं गोवंश सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड गौसेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र अणथ्वाल ने की। बैठक में जनपद में संचालित गौसदनों की स्थिति, क्षमता, संरक्षित गोवंश की संख्या तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी अनुदान की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि श्री कृष्णा गौ सेवा धाम बड़ावे, मूनाकोट तथा मां नंदा देवी गौसेवा संरक्षण केंद्र पापड़ी, मुनस्यारी की कुल क्षमता 230 गोवंश की है, जिनमें वर्तमान में 173 गोवंश संरक्षित हैं। इनके संचालन एवं भरण-पोषण के लिए 45.16 लाख रुपये से अधिक की अनुदान राशि जारी की गई है।
नगर पालिका द्वारा संचालित धारचूला (बलुवाकोट) और डीडीहाट (आदिचौरा) गौशालाओं की भी समीक्षा की गई। दोनों गौशालाओं की संयुक्त क्षमता 250 गोवंश की है, जहां वर्तमान में 179 निराश्रित गोवंश रखे गए हैं। बैठक में ग्राम्य गौसेवक योजना की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि जनपद में सात ग्राम्य गौसेवक कार्यरत हैं, जिन्हें वर्ष 2025-26 में 5.06 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है, वहीं गोवंश संरक्षण अधिनियम-2007 के तहत नगर निगम पिथौरागढ़ द्वारा दो मामलों में सात हजार रुपये का अर्थदंड भी वसूला गया।
अधिकारियों ने बताया कि 20वीं पशुधन संगणना 2019 के अनुसार जनपद में कुल 1,62,869 गौवंशीय पशु चिन्हित हैं, जिनमें से 1,58,878 पशुओं की टैगिंग की जा चुकी है। वर्तमान सर्वेक्षण के अनुसार जिले में 366 निराश्रित गोवंश चिन्हित किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 128 गोवंश मुनस्यारी विकासखंड तथा 97 पिथौरागढ़ क्षेत्र में पाए गए हैं।
बैठक में गौसदनों में चारे की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं और निराश्रित गोवंश के बेहतर संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौवंश संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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