पिथौरागढ़ : धार्मिक धरोहरों पर विशेष फोकस, सुरक्षा-सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश
हाट कालिका और पाताल भुवनेश्वर का किया डीएम ने निरीक्षण

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने मानसखण्ड मंदिर माला के अंतर्गत पिथौरागढ़ जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों हाट कालिका धाम और पाताल भुवनेश्वर गुफा के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने जनपदवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना के साथ दोनों स्थलों पर व्यवस्थाओं, सुरक्षा और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने मंदिर परिसर में सफाई, पेयजल, शौचालय, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और मार्गों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को तुरंत आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। इस दौरान निर्माणाधीन पार्किंग की गुणवत्ता पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए उन्होंने यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
महाकाली समिति द्वारा पार्किंग संबंधी मांग रखने पर डीएम ने उपजिलाधिकारी को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। पाताल भुवनेश्वर गुफा में जिलाधिकारी ने प्रवेशदृनिकास मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, गाइड प्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने परिसर में सीसीटीवी कैमरे, बेहतर सूचना तंत्र और सुरक्षित पर्यटक आवागमन की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि यह प्राचीन गुफा धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीएम ने बताया कि मानस खंड मंदिर माला का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को एक सुव्यवस्थित आध्यात्मिकदृपर्यटक परिपथ के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक स्थल पर बुनियादी सुविधाओं का उन्नयन, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा प्रबंधन और पर्यटकों के अनुभव को समृद्ध करने के लिए आधुनिक तंत्र जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संरचनात्मक और संरक्षण संबंधी कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के साथ समन्वय में समयबद्ध एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धार्मिक स्थलों पर सूचना.पट्ट, बैठने की व्यवस्था, संपर्क मार्गों का उन्नयन पार्किंग सुविधाएँ और आपातकालीन सहायता तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि आगंतुकों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और क्षेत्रीय पहचान को भी सुदृढ़ करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि धार्मिक स्थलों का संरक्षण और सुव्यवस्था प्रशासन एवं समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है और प्रशासन इन स्थलों को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत है। मंदिर निरीक्षण के बाद डीएम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, गंगोलीहाट का दौरा किया, जहां छात्राओं ने लोक गीत और नृत्य से स्वागत किया। उन्होंने राजीव गांधी नवोदय स्कूल का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, कॉन्सेप्ट क्लियर रखने और नई तकनीकों के साथ सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट वर्क, हार्ड वर्क और टाइम मैनेजमेंट ही लक्ष्य प्राप्ति की कुंजी हैं। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी गंगोलीहाट यशवीर सिंह, तहसीलदार, नगर पालिका अध्यक्ष विमल रावल, महाकाली मंदिर समिति अध्यक्ष हरगोविंद रावल, सचिव कमल रावल, संगठन सचिव दीपक रावल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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