सात सूत्रीय मांगों पर अड़े आयुष चिकित्सक, आंदोलन को लेकर बनी रणनीति
प्रदेश के सभी 13 जिलों के प्रतिनिधियों ने रखे अपने विचार

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक देहरादून स्थित रिस्पना पुल के समीप एक होटल में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के संघ अध्यक्षों एवं सचिवों ने प्रतिभाग कर 15 जून से प्रस्तावित आंदोलन की रूपरेखा और रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली ने की,
जबकि प्रदेश महामंत्री डॉ. हरदेव रावत, उपाध्यक्ष डॉ. राम किशोर भट्ट तथा संघ की प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। पिथौरागढ़ जनपद से जिला अध्यक्ष डॉ. राकेश खाती एवं जिला सचिव डॉ. धीरज आर्य ने बैठक में भाग लिया। बैठक में प्रदेश के सभी 13 जिलों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे और चिकित्सकों की लंबित समस्याओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी 07 सूत्रीय मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शासन और निदेशालय द्वारा मांगों के समाधान के लिए प्रभावी पहल नहीं किए जाने से चिकित्सकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक पहल नही की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा,
जिससे प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों में चिकित्सकीय सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। चिकित्सकों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखंड को आयुष प्रदेश बनाने की दिशा में कई प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आयुष चिकित्सकों की लंबित समस्याओं के समाधान के बिना इस लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन होगा। संघ ने सरकार से शीघ्र वार्ता कर मांगों का समाधान करने की अपील की है।
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