पिथौरागढ़ : नई विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति पर हुआ विमर्श, विशेषज्ञों ने बताए भविष्य के आयाम
मुख्यमंत्री का जताया आभार, विभिन्न वक्ताओं ने विज्ञान और शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर की चर्चा

उत्तराखंड राज्य की बहुप्रतीक्षित विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति-2026 के कैबिनेट से पारित होकर 09 जून को घोषित होने के बाद प्रदेश में इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसी क्रम में राज्य में विज्ञान संचार के क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से कार्यरत समाज वैज्ञानिक संगठन पहल और मानस कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में नई नीति पर एक महत्वपूर्ण विमर्श कार्यक्रम
का आयोजन किया गया। मानस विहार स्थित कॉन्क्लेव हॉल में आयोजित विमर्श: विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति कार्यक्रम में प्रदेश के विज्ञान एवं शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लेकर नीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं यूकॉस्ट, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रो, दुर्गेश पंत ने कहा कि राज्य लंबे समय से ऐसी व्यापक और दूरदर्शी नीति की प्रतीक्षा कर रहा था।
अब यह नीति परिमार्जित स्वरूप में आमजन के लिए उपलब्ध हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नई नीति विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तराखंड को नई दिशा प्रदान करेगी। इसके माध्यम से नवाचार आधारित प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा तथा योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन और अनुश्रवण में वैज्ञानिक सोच और दृष्टिकोण परिलक्षित होगा।
पहल के वैज्ञानिक सलाहकार एवं मानस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन डा. अशोक कुमार पंत ने राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की पिछले 25 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने नई नीति का आमजन की ओर से स्वागत करते हुए यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत के प्रयासों की सराहना की तथा इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर टेक्नोहब की सीईओ प्रो. रीमा पंत ने तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और उसकी व्यावहारिक उपयोगिता पर अपने विचार रखे। विमर्श के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने विज्ञान और शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस दौरान ललित पंत ने खेल और विज्ञान के समन्वय पर प्रकाश डाला, योगेश भट्ट ने विज्ञान संचार केंद्रों की स्थापना की आवश्यकता बताई,
अंशुल पंत ने युवाओं की शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया, शिक्षक दिनेश चंद्र भट्ट ने सरकारी विद्यालयों में विज्ञान शिक्षण की चुनौतियों को सामने रखा, चिंतामणि जोशी ने विज्ञान शिक्षण की जटिलताओं पर विचार व्यक्त किए, विप्लव भट्ट ने खेल-खेल में विज्ञान को सहज और रोचक बनाने की आवश्यकता बताई, प्रकाश कुमार ने तकनीकी शिक्षा की चुनौतियों पर चर्चा की, लवराज सिंह ने प्रयोगशालाओं से दूर होते विज्ञान शिक्षण पर चिंता जताई, गजेंद्र बोरा ने कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में घटती रुचि और
उससे जुड़ी चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का संचालन मानस कॉलेज के निदेशक देवाशीष पंत ने किया, जबकि मानस एकेडमी की निदेशक मीनू भट्ट ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मानस ग्रुप की प्रबंधक कंचनलता पंत, मानस कॉलेज की अकादमिक हेड यशोदा पाठक, प्रधानाचार्या सुनीता रावत, सदानंद भट्ट, मानस कॉलेज एवं मानस एकेडमी का समस्त स्टाफ तथा जनपद के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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