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पिथौरागढ़: शिक्षण कार्य को महत्व देने की जरूरत, शैक्षिक दख़ल के वार्षिक अधिवेशन में उठी आवाज

शैक्षिक दख़ल पत्रिका के विशेषांक का हुआ विमोचन

शैक्षिक दख़ल समिति के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन में शिक्षा और स्त्री विषय पर केंद्रित शैक्षिक दख़ल पत्रिका के विशेषांक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों ने बदलते दौर में शिक्षण कार्य को प्राथमिकता देने और पढ़ने-लिखने की संस्कृति को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) डीडीहाट के प्राचार्य भास्करानंद पाण्डे ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में स्वतंत्र चिंतन और लेखन का दायरा सिमटता जा रहा है। ऐसे समय में पत्रिकाओं का प्रकाशन बेहद जरूरी है, क्योंकि पढ़ने की संस्कृति का कोई विकल्प नहीं हो सकता।

 

पूर्व प्राचार्य दुष्यंत पांगती ने कहा कि कक्षा-कक्ष में संवाद ही चिंतन और मनन को बढ़ावा देता है, जबकि शिक्षाविद गोविंद भंडारी ने शिक्षा में लगातार हो रहे प्रयोगों से शिक्षण कार्य प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय और स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। पत्रिका के संपादक दिनेश कर्नाटक ने बताया कि पिछले 14 वर्षों से शैक्षिक दख़ल का प्रकाशन शिक्षा के सरोकारों को समाज के सामने लाने का प्रयास है।

 

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शिक्षा पर गंभीर बहस की आवश्यकता है और यह पत्रिका समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कार्य कर रही है। शिक्षक एवं साहित्यकार मनोहर चमोली ने बताया कि पत्रिका के इस विशेषांक में 50 से अधिक रचनाकारों के लेख, कविताएं और कहानियां शामिल हैं, जो स्त्री शिक्षा से जुड़े विभिन्न दृष्टिकोणों और अनुभवों को पाठकों तक पहुंचाएंगी। वहीं शिक्षिका राजेन्द्री कन्याल ने ऐसे प्रयासों को समय की आवश्यकता बताया।

 

इस अवसर पर शैक्षिक दख़ल समिति के सचिव राजीव जोशी ने कहा कि नई शिक्षा नीति भी रचनात्मकता को बढ़ावा देने की बात करती है और शैक्षिक दख़ल उसी दिशा में एक सार्थक पहल है। अधिवेशन के दूसरे सत्र में स्त्री शिक्षा विषय पर विशेष गोष्ठी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में विनोद बसेड़ा, महेश बवाड़ी, महेश पुनेठा, रितु ठाकुर, ममता चौहान, लोकेश डसीला, मोहन सिंह नेगी, कुसुमलता पाण्डे, रमेश जोशी, कुंदन सिंह कन्याल सहित प्रशिक्षु शिक्षकों ने भी सहभागिता की।

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