
पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में अमर शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति, परिसर निदेशक, शिक्षक, चिकित्सक, एसोसिएशन के पदाधिकारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. विनीत कुमार अग्निहोत्री और सचिव डॉ. वेद भूषण शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान वक्ताओं ने अमर शहीद जगदीश वत्स के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके बलिदान को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि ऋषिकुल केवल आयुर्वेद शिक्षा एवं चिकित्सा का केंद्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और सामाजिक सरोकारों की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना सभी का दायित्व है।
इस अवसर पर ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. विनीत कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि नवंबर माह में राष्ट्रीय एलुमनाई मीट का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश-विदेश में कार्यरत ऋषिकुल के पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाने और संस्थान की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने के लिए आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जाएगा।
एसोसिएशन के प्रचार मंत्री डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने कहा कि अमर शहीद जगदीश वत्स को श्रद्धांजलि देना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ऋषिकुल की राष्ट्रसेवा और सामाजिक प्रतिबद्धता की गौरवशाली परंपरा को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल की पहचान केवल एक शिक्षण संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि आयुर्वेद, चिकित्सा, शिक्षा, राष्ट्रसेवा और मानवीय मूल्यों के समन्वय के रूप में रही है।
कार्यक्रम के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने परिसर निदेशक प्रो. अनूप कुमार गख्खड़ से मुलाकात कर एलुमनाई मीट की तैयारियों पर चर्चा की। इसके बाद हुई बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
कार्यक्रम एवं बैठक में विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं शिक्षकगण, एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. देवेंद्र शर्मा चमोली, डॉ. अशोक पालीवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. प्रेम प्रकाश सतलेवाल, कोषाध्यक्ष डॉ. टीके गर्ग, उपाध्यक्ष डॉ. मनीषा दीक्षित, वरिष्ठ सदस्य डॉ. उदय पांडे, उप सचिव डॉ. यादवेंद्र यादव, डॉ. पारुल शर्मा, कोर कमेटी सदस्य डॉ. अशोक कुमार त्यागी, डॉ. अरुण कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. ओपी सिंह,
रोग निदान विभागाध्यक्ष प्रो. रूबी रानी अग्रवाल, रसशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. खेमचंद शर्मा, शल्य तंत्र विभागाध्यक्ष प्रो. अजय गुप्ता, अगद तंत्र विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश चंद्र तिवारी, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. कीर्ति वर्मा, रचना शरीर विभागाध्यक्ष प्रो. रीना दीक्षित, क्रिया शरीर विभागाध्यक्ष प्रो. माधवी गोस्वामी, स्वस्थवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. सीमा जोशी, डॉ. शोभित वार्ष्णेय, प्रो. शुचि मित्रा, प्रो. संजय सिंह,
प्रो. संजय त्रिपाठी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भावना मित्तल, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. सविता सोनकर, चिकित्सा अधिकारी संघ के सचिव डॉ प्रदीप कुमार, डॉ. सुजाता कादियान, पूर्व प्राचार्य क्वाड्रा आयुर्वेदिक कॉलेज डॉ. गोपाल कृष्ण शर्मा, सहायक लेखा अधिकारी प्रमेश गुप्ता सहित विश्वविद्यालय एवं ऋषिकुल परिसर के शिक्षक, चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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