पिथौरागढ़ : मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन 07 सितंबर से
विभागवार गेट मीटिंग कर लंबित मांगों को लेकर चलाएंगे जनजागरण अभियान

लंबित मांगों के समाधान को लेकर उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन के प्रथम चरण में मिनिस्ट्रियल कर्मचारी 07 सितंबर से 19 सितंबर तक काली फीती बांधकर विरोध जताएंगे। इस दौरान विभागवार गेट मीटिंग आयोजित कर कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
संगठन के अध्यक्ष बिजेंद्र लुंठी के अनुसार आंदोलन के प्रथम चरण में सीमंात जनपद के विभिन्न विभागों एवं विकासखंडों में गेट मीटिंग आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के माध्यम से कर्मचारियों को आंदोलन की रूपरेखा और लंबित मांगों की जानकारी दी जाएगी तथा सरकार से मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई जाएगी।
पिथौरागढ़ में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 07 सितंबर को शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग एवं लोनिवि, 08 सितंबर को विकासखंड धारचूला, 09 सितंबर को विकास भवन, 10 सितंबर को सीएमओ कार्यालय एवं उद्यान विभाग, 11 सितंबर को विकासखंड बेरीनाग, 15 सितंबर को जिला अस्पताल, 16 सितंबर को आईटीआई, परिवहन विभाग एवं लघु सिंचाई, 18 सितंबर को विकासखंड गंगोलीहाट तथा 19 सितंबर को वन विभाग एवं लोनिवि में गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी।
एसोसिएशन द्वारा कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 07 सितंबर की गेट मीटिंग के लिए एसडी भट्ट, उपाध्यक्ष मिनिस्ट्रियल फेडरेशन एवं राजेंद्र सिंह राणा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी शिक्षा विभाग, 08 सितंबर- संगठन मंत्री धीरज ओझा, 09 सितंबर -भुवन चंद्र भट्ट, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ग्राम्य विकास विभाग,
10 सितंबर – कमलेश जोशी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्वास्थ्य विभाग एवं रोहित उप्रेती, कोषाध्यक्ष मिनिस्ट्रियल फेडरेशन, 11 सितंबर – संजय कोहली एवं कविंद्र बोरा, शिक्षा विभाग, 15 सितंबर – विक्रम रौतेला, अध्यक्ष स्वास्थ्य विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, 16 सितंबर – मुकेश पांडेय, संयुक्त मंत्री मिनिस्ट्रियल फेडरेशन, 18 सितंबर – देश कोहली एवं पंकज दशौनी, संगठन मंत्री एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन तथा 19 सितंबर -कुंडल भंडारी, अध्यक्ष वन विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन एवं संजय कापड़ी, लोनिवि पिथौरागढ़ को जिम्मेदारी दी गई है।
अध्यक्ष बिजेंद्र लुंठी के अनुसार प्रथम चरण में कर्मचारी काली फीती बांधकर अपने कार्यों का निर्वहन करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही गेट मीटिंग के माध्यम से कर्मचारियों को एकजुट कर लंबित मांगों के समर्थन में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रथम चरण के आंदोलन के बाद भी कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
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