पिथौरागढ़ : हरेला पर्व की तैयारियां तेज, जनपद में दो लाख से अधिक पौधों के रोपण का लक्ष्य
जियो-टैगिंग, संरक्षण और विभागीय समन्वय पर रहेगा विशेष फोकस

जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी हरेला पर्व के सफल आयोजन एवं व्यापक वृक्षारोपण अभियान को लेकर जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरेला पर्व को जनभागीदारी का महाअभियान बनाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि जनपद स्तरीय मुख्य हरेला कार्यक्रम 16 जुलाई को चंडाक में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आमजन की सहभागिता के साथ सामूहिक वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके अलावा सभी विकासखंडों, शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए जनपद में 1.25 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें वन विभाग द्वारा 1.10 लाख तथा अन्य विभागों द्वारा 15 हजार पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के पास वर्तमान में 4.28 लाख से अधिक पौधे उपलब्ध हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग साढ़े तीन गुना अधिक हैं। हरेला पर्व के अवसर पर जनपदभर में विभिन्न विभागों और संस्थाओं के सहयोग से दो लाख से अधिक पौधों का रोपण किए जाने की योजना है।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने निर्देश दिए कि शासनादेश के अनुरूप शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, चिकित्सालयों, नदी तटों, सिटी पार्कों, वन पंचायत भूमि, सामुदायिक भूमि, संस्थागत परिसरों एवं सड़क किनारे ट्री-गार्ड युक्त स्थलों को प्राथमिकता देते हुए वृक्षारोपण स्थलों का चयन किया जाए। प्रत्येक स्थल की जियो-टैगिंग कर संबंधित अधिकारी को उसके संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाए तथा विभागवार जोन निर्धारित कर कार्यों में दोहराव से बचा जाए।
उन्होंने सभी विभागों को गड्ढों की खुदाई, पौधों के आवंटन, सिंचाई, परिवहन, टैगिंग और अन्य व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। कहा कि 16 जुलाई को मुख्य कार्यक्रम के साथ पूरे जनपद में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी तथा प्रत्येक स्थल की जियो-टैग फोटो और डिजिटल रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी।
बैठक में विभागवार दायित्व भी तय किए गए। वन विभाग को पौधों की उपलब्धता, जियो-टैगिंग और समन्वय की जिम्मेदारी दी गई, जबकि उद्यान विभाग को फलदार पौधों की व्यवस्था का दायित्व सौंपा गया। ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के माध्यम से जनसहभागिता सुनिश्चित करेगा, वहीं लोक निर्माण विभाग सड़क किनारे वृक्षारोपण एवं ट्री-गार्ड की व्यवस्था करेगा। शिक्षा विभाग विद्यालयों में पौधरोपण और एनएसएस एवं स्काउट-गाइड की सहभागिता सुनिश्चित करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक वृक्षारोपण स्थल का रियल-टाइम डिजिटल अभिलेखीकरण किया जाएगा तथा डिस्ट्रिक्ट ग्रीन रजिस्टर तैयार किया जाएगा। साथ ही जिला हरित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पौधरोपण, पौध उपलब्धता, रखरखाव एवं प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।
उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि 16 जुलाई को प्रत्येक ग्राम पंचायत को पर्याप्त संख्या में पौधे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर भी हरेला पर्व प्रभावी ढंग से मनाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि हरेला केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का महाअभियान है।
सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों एवं कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।
हमसे जुड़ें और अपडेट्स पाएं!
सबसे नए समाचार और अपडेट्स पाने के लिए जुड़े रहें।







